जीवन बीमा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एलआईसी की एक बार फिर से मेडिक्लेम कारोबार में कदम रखने की मंशा है। इस बारे में बीमा नियामक से स्थिति स्पष्ट होते ही कंपनी अपने कदम आगे बढ़ा सकती है। भारतीय जीवन बीमा निगम के चेयरमैन एमआर कुमार ने कहा हम पहले से ही लॉन्ग टर्म में हेल्थ इंश्योरेंस और गारंटी देने वाले हेल्थ प्रोडक्ट की पेशकश कर रहे हैं। हम बीमा नियामक से हाल ही में आए सुझाव की भी समीक्षा कर रहे हैं। कुमार ने आगे बताया मुझे नहीं लगता है कि हमारे लिए मेडिक्लेम कारोबार में उतरना मुश्किल होगा हम पहले से ही कुछ स्वास्थ्य बीमा उत्पाद मुहैया करा रहे हैं।
बीमा कंपनियों को लगी थी रोक:
आपको बता दें कि मेडिक्लेम पॉलिसी असल में मुआवजे पर आधारित स्वास्थ्य बीमा योजनाएं ही होती हैं। और यह देश में सर्वाधिक लोकप्रिय स्वास्थ्य बीमा उत्पाद है। हालांकि भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2016 में जीवन बीमा कारोबार में लगी कंपनियों को मेडिक्लेम पॉलिसी की पेशकश करने से रोक दिया था। उसके बाद से जीवन बीमा कंपनियों को सिर्फ तय लाभ वाली स्वास्थ्य योजनाओं की ही पेशकश करने की इजाजत है।
मुआवजा आधारित स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत बीमा कंपनियां इलाज के दौरान खर्च हुई रकम की भरपाई करती है, जो बीमित राशि के भीतर हो। वहीं तय लाभ वाली स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत पॉलिसी धारक को पूर्व-चिन्हित बीमारियां या स्वास्थ्य स्थिति के लिए एक तय राशि दी जाती है। आईआरडीए के चेयरमैन देवाशीष पांडा ने हाल में कहा था कि अब जीवन बीमा कंपनियों के फिर से मेडिक्लेम में प्रवेश करने का वक्त आ गया है। उन्होंने वर्ष 2030 तक देश के हर एक नागरिक के पास स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी होने का लक्ष्य हासिल करने को भी कहा है। वैश्विक स्तर पर अधिकांश देशों में जीवन बीमा कंपनियां स्वास्थ्य बीमा योजनाओं की भी बिक्री करती है।